देहरादून: उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि, पारंपरिक विरासत और जीवंतता का अद्भुत संगम “कलर्स ऑफ़ उत्तराखंड” कार्यक्रम में देखने को मिला। यह आयोजन 38वें राष्ट्रीय खेल के जश्न का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय खेल के प्रति जागरूकता फैलाना और पूरे देश को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराना है।
“कलर्स ऑफ़ उत्तराखंड”, 25 जनवरी को रुद्रपुर के गाँधी पार्क में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय खेल के मैस्कॉट “मौली” की विशेष उपस्थिति से हुई। हिमालयन मोनाल पर आधारित “मौली” ने अपनी अनूठी छवि और ऊर्जा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौली ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और खेल के प्रति जुनून को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इसके बाद शैरी सिंह की धमाकेदार प्रस्तुति ने पूरे माहौल को और भी जीवंत बना दिया। लोक गायक माया उपाध्याय ने भी अपनी सुरीली आवाज़ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल फैशन शो ने इस शाम को खास बना दिया, जहां मॉडल्स ने एथलिट ट्रैक्स में रैंप वॉक कर खेल और फैशन के अद्भुत संगम को प्रस्तुत किया।
इस विशेष श्रृंखला का पहला कार्यक्रम 22 जनवरी 2025 को देहरादून के परेड ग्राउंड और दूसरा कार्यक्रम हल्द्वानी के उत्थान मंच में आयोजित किया गया था। इस सांस्कृतिक यात्रा की अगली कड़ी में 26 जनवरी को हरिद्वार में “कलर्स ऑफ़ उत्तराखंड” का आयोजन होगा।
उत्तराखंड इस वर्ष 38वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी करते हुए एक ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने जा रहा है। यह आयोजन 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक चलेगा, जिसमें देशभर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस साल के राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में आयोजित हो रहे हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेल 2025 का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन से खेल प्रेमियों, सांस्कृतिक उत्साही और आम जनता के बीच जोश और उत्साह का नया संचार होगा। 38वें राष्ट्रीय खेल की यह सांस्कृतिक यात्रा देशभर के लोगों को उत्तराखंड की सुंदरता, संस्कृति और खेल के प्रति समर्पण से जोड़ने का काम करेगी।

More Stories
ऋषिकुल, हरिद्वार में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जाएगा – मुख्यमंत्री
शक्ति, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं भगवान हनुमान – मुख्यमंत्री
हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक को बताया देश और प्रदेश की शान